Loader - Shri Niranjani Akhada | श्री निरंजनी अखाड़ा

Timings

  • Monday, 05:00AM - 10:00PM
  • Tuesday, 05:00AM - 10:00PM
  • Wednesday, 05:00AM - 10:00PM
  • Thusday, 05:00AM - 10:00PM
  • Friday, 05:00AM - 10:00PM
  • Saturday, 05:00AM - 10:00PM
  • Sunday, 05:00AM - 10:00PM

Location

  • गणेश घाट, मायापुर, हरिद्वार, उत्तराखण्ड

मुख्य जानकारी

  • स्थिति: मुख्यालय (Headquarters)
  • विशेषता: अखाड़े का सर्वोच्च प्रशासनिक एवं आध्यात्मिक केंद्र
  • मुख्य आयोजन: महाकुंभ, अर्धकुंभ, शाही स्नान, संत सम्मेलन, दीक्षा समारोह
  • प्रमुख नेतृत्व: परम पूज्य श्री श्री १००८ आचार्य महामण्डलेश्वर निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानन्द गिरि जी महाराज एवं श्रीमहंत रविन्द्र पुरी जी महाराज

श्री पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी का मुख्यालय, हरिद्वार, उत्तराखण्ड (मुख्यालय)



Niranjaniakhada_Head - Shri Niranjani Akhada | श्री निरंजनी अखाड़ा

हरिद्वार स्थित गणेश घाट, मायापुर में स्थापित श्री पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी का मुख्यालय अखाड़े का सर्वोच्च आध्यात्मिक एवं प्रशासनिक केंद्र है। यहीं से अखाड़े की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन किया जाता है। यह स्थान संत समाज, नागा संन्यासियों, महामण्डलेश्वरों एवं श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा और साधना का प्रमुख केंद्र है।

हरिद्वार का यह मुख्यालय गुरु-शिष्य परंपरा, संन्यास दीक्षा, वैदिक अनुष्ठानों एवं धार्मिक निर्णयों का प्रमुख केंद्र माना जाता है। अखाड़े के महत्वपूर्ण उत्सव, आध्यात्मिक सभाएँ, संत सम्मेलन तथा धर्म से संबंधित अनेक आयोजन यहीं आयोजित किए जाते हैं। परम पूज्य आचार्य महामण्डलेश्वर एवं अखाड़े का शीर्ष नेतृत्व भी समय-समय पर यहीं से आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Key features

महाकुंभ एवं अर्धकुंभ के अवसर पर हरिद्वार स्थित यह मुख्यालय विशेष महत्व प्राप्त कर लेता है। शाही पेशवाई, शाही स्नान, ध्वजारोहण, धार्मिक अनुष्ठान तथा नागा संन्यासियों की पारंपरिक गतिविधियाँ यहीं से संचालित होती हैं। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु इस अवसर पर अखाड़े के दर्शन एवं संतों का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु यहाँ पहुँचते हैं।

आज हरिद्वार स्थित श्री पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी का मुख्यालय सनातन धर्म, भारतीय आध्यात्मिक संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा तथा सेवा, साधना और त्याग के आदर्शों का एक जीवंत केंद्र है। यह स्थान केवल अखाड़े का प्रशासनिक कार्यालय नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का प्रेरणास्रोत भी है।

Haridwar - Shri Niranjani Akhada | श्री निरंजनी अखाड़ा

प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियाँ

श्री पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी वर्षभर विविध धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन करता है। इन आयोजनों के माध्यम से सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार, वैदिक परंपराओं का संरक्षण तथा समाज में आध्यात्मिक जागरूकता का संवर्धन किया जाता है।

गुरु पूजन एवं आध्यात्मिक प्रवचन

गुरु पूजन, वेदांत चर्चा एवं आध्यात्मिक प्रवचन अखाड़े की प्रमुख परंपराओं में से हैं। संत-महात्मा श्रद्धालुओं को धर्म, साधना, सेवा, त्याग एवं सनातन संस्कृति के मूल सिद्धांतों का ज्ञान प्रदान करते हैं।

संन्यास दीक्षा एवं नागा परंपरा

योग्य साधकों को वैदिक विधि से संन्यास दीक्षा प्रदान की जाती है। नागा संन्यासी कठोर तप, अनुशासन एवं राष्ट्र तथा धर्म की रक्षा की महान परंपरा का निर्वहन करते हैं।

कुंभ एवं शाही स्नान

महाकुंभ, अर्धकुंभ एवं सिंहस्थ जैसे पावन अवसरों पर अखाड़ा शाही पेशवाई, ध्वजारोहण, संत सम्मेलन तथा शाही स्नान में प्रमुख भूमिका निभाता है। यह अखाड़े की गौरवशाली परंपरा का वैश्विक परिचय है।

धर्म सेवा एवं जनकल्याण

अखाड़ा धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ गौसेवा, अन्नदान, संत सेवा, पर्यावरण संरक्षण, आध्यात्मिक शिक्षा तथा समाजहित के विविध सेवा कार्यों में निरंतर सक्रिय रहता है।

वेद एवं शास्त्र अध्ययन

वेद, उपनिषद, गीता, पुराण एवं अन्य धर्मग्रंथों के अध्ययन एवं शिक्षण के माध्यम से सनातन ज्ञान परंपरा को संरक्षित एवं आगे बढ़ाया जाता है।

पर्व एवं धार्मिक उत्सव

महाशिवरात्रि, गुरु पूर्णिमा, श्रावण मास, कुंभ पर्व तथा अन्य धार्मिक उत्सव अखाड़े की परंपराओं के अनुरूप श्रद्धा एवं वैदिक विधानों के साथ मनाए जाते हैं।

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Frequently Asked Questions

अखाड़े का मुख्यालय गणेश घाट, मायापुर, हरिद्वार, उत्तराखण्ड में स्थित है। यही अखाड़े का सर्वोच्च आध्यात्मिक एवं प्रशासनिक केंद्र है।

हरिद्वार स्थित मुख्यालय से अखाड़े की धार्मिक, प्रशासनिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन किया जाता है। यह संतों, महामण्डलेश्वरों एवं श्रद्धालुओं का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है।

हाँ। श्रद्धालु निर्धारित समय में मुख्यालय में दर्शन, पूजा-अर्चना एवं संतों का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

महाशिवरात्रि, गुरु पूर्णिमा, श्रावण मास, महाकुंभ, अर्धकुंभ, शाही स्नान, संत सम्मेलन तथा विभिन्न वैदिक अनुष्ठानों का आयोजन मुख्यालय में किया जाता है।

हाकुंभ एवं अर्धकुंभ के अवसर पर शाही पेशवाई, ध्वजारोहण, नागा संन्यासियों की व्यवस्था, संत सभाएँ तथा धार्मिक कार्यक्रमों का संचालन मुख्यालय से किया जाता है।

विशेष धार्मिक अवसरों एवं निर्धारित समय पर श्रद्धालु संतों एवं महामण्डलेश्वरों के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

श्री पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की स्थापना सन 904 ईस्वी (विक्रमी संवत् 960) में गुजरात के मांडवी में हुई थी। वर्तमान में हरिद्वार स्थित मुख्यालय अखाड़े का प्रमुख संचालन केंद्र है।

श्रावण मास, महाशिवरात्रि, गुरु पूर्णिमा, महाकुंभ एवं अर्धकुंभ के अवसर पर यहाँ विशेष धार्मिक वातावरण एवं विशाल आयोजन देखने को मिलते हैं।