
श्री पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की मढ़ियाँ अखाड़े की प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा, आध्यात्मिक साधना तथा संगठनात्मक व्यवस्था की आधारशिला हैं। प्रत्येक मढ़ी अपनी विशिष्ट परंपरा, मर्यादा एवं आध्यात्मिक पहचान के साथ सनातन धर्म के संरक्षण, संत परंपरा के संवर्धन तथा वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देती है। वर्तमान में श्री निरंजनी अखाड़े में कुल 18 मढ़ियाँ विद्यमान हैं, जो अखाड़े की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक हैं.
श्री पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की प्रमुख परंपरागत मढ़ियों में से एक।
राजावत परंपरा की यह दूसरी मढ़ी अखाड़े की धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने तथा संतों के संगठन को सुदृढ़ बनाने में योगदान देती है।
गुरु-शिष्य परंपरा एवं संन्यास परंपरा को आगे बढ़ाने वाली प्रतिष्ठित मढ़ी।
धर्म, तप एवं साधना के संरक्षण हेतु समर्पित परंपरागत मढ़ी।
नृसिंह मढ़ी अखाड़े की प्राचीन संन्यासी परंपराओं का प्रतिनिधित्व करती है और धर्मरक्षा की भावना को सुदृढ़ करती है।
मनमुकुन्द मढ़ी आध्यात्मिक साधना, गुरु सेवा तथा अखाड़े की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में अपना योगदान देती है।
खालसा मढ़ी अनुशासन, तप एवं अखाड़े की पारंपरिक व्यवस्था को बनाए रखने वाली प्रमुख मढ़ियों में सम्मिलित है।
ब्रह्मनाथी मढ़ी वेदांत, गुरु उपासना एवं सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार की परंपरा को आगे बढ़ाती है।
गादी मढ़ी अखाड़े की धार्मिक व्यवस्था एवं गुरु परंपरा से जुड़ी महत्वपूर्ण परंपरागत मढ़ी मानी जाती है।
ॐकारी मढ़ी भगवान शिव के पवित्र प्रणव ‘ॐ’ की आध्यात्मिक भावना से प्रेरित संन्यास परंपरा का प्रतिनिधित्व करती है।
परमानन्दी मढ़ी साधकों में आध्यात्मिक उन्नति, आत्मज्ञान एवं वैराग्य की भावना को विकसित करने का कार्य करती है।
बोडला मढ़ी अखाड़े की ऐतिहासिक परंपराओं से जुड़ी हुई है तथा संत समाज की एक प्रतिष्ठित शाखा मानी जाती है।
मुल्तानी मढ़ी प्राचीन संन्यास परंपरा की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसने विभिन्न क्षेत्रों में अखाड़े की परंपरा को आगे बढ़ाया।
वैकुण्ठी मढ़ी आध्यात्मिक साधना, सेवा एवं धार्मिक संस्कारों के संरक्षण के उद्देश्य से कार्यरत परंपरागत मढ़ी है।
सिंहासनी मढ़ी अखाड़े की प्रतिष्ठित मढ़ियों में से एक है, जो शैव संन्यास परंपरा एवं धार्मिक अनुशासन को सुदृढ़ करती है।
दरियाव मढ़ी सेवा, समर्पण एवं संत परंपरा के आदर्शों का पालन करते हुए अखाड़े की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करती है।
दस + चार मढ़ी अखाड़े की विशिष्ट पारंपरिक शाखाओं में से एक है, जो गुरु-शिष्य परंपरा एवं संगठनात्मक संरचना का अभिन्न भाग है।
दस + छः मढ़ी श्री पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की मान्य परंपरागत मढ़ियों में सम्मिलित है और अखाड़े की आध्यात्मिक एवं धार्मिक परंपराओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।